जिमी शेरगिल एवं अमिताभ सिंह ने किया ‘शाॅर्टकट सफारी’ का प्रमोशन

तीन बार राष्ट्रीय अवाॅर्ड जीत चुके ‘चिल्लर पार्टी’ एवं आॅस्कर अवाॅर्ड के लिए नामित की जा चुकी ‘दि गुड रोड’ जैसी फिल्मों के लिए अलग से पहचाने जाने वाले अमिताभ सिंह ने बतौर निर्देशक फिल्म ‘दि शाॅर्टकट सफारी’ के जरिये अपना डेब्यू किया है। दरअसल, ‘शाॅर्टकट सफारी’ बच्चों की फिल्म है, जिसकी कहानी स्कूल पिकनिक पर गए सात शहरी बच्चों की कहानी है, जो जंगल में गुम हो जाते हैं। नेशनल पार्क या बड़े गार्डन के मुकाबले बच्चे जंगल की असली दुनिया को पहली बार करीब से देखते हैं। फिल्म में बच्चों का जंगल के साथ रियल एनकाउंटर है।


अपनी एक्टिंग और अलग सिनेमाई किरदार के लिए मशहूर जिम्मी शेरगिल, जो इस फिल्म में एक अहम किरदार के तौर पर बच्चों के साथ हैं, कहते हैं, ‘इस फिल्म के जरिये बच्चों को अपने वातावरण को करीब से जानने एवं उनके मूल्यों को पहचानने का संदेश दिया गया है। इसलिए जब वह मेरे पास इस फिल्म का प्रस्ताव आया, तो फिर मैंने तुरंत हां कह दिया, क्योंकि मैं हमेशा से बच्चों के सिनेमा के प्रति खुद को बहुत समर्पित मानता हूं।’ जिमी कहते हैं, ‘फिल्म में मेरा किरदार बहुत दिलचस्प है। यह किरदार एक लियोपार्ड जैसा है, जो एक ग्रीन लंबा सा चोला पहनता है। जब फिल्म में जंगल में गुम हुए सात बच्चों का सामना होता है, तो कहानी में ट्विस्ट आ जाता है। फिर यह जंगल का बहुत खास जानवर उन बच्चों के लिए सहायक साबित होता है या फिर उनकी जिंदगी को और मुश्किल में डालता है, यह आपको फिल्म देखकर ही पता चलेगा।’

‘शाॅर्टकट सफारी’ में सात बच्चों के साथ काम करना कितना चैलेंजिंग रहा, इस बारे में पूछने पर फिल्म के निर्देशक अमिताभ सिंह ने कहा, ‘यह सच है कि बच्चों के साथ फिल्म बनना बेहद चैलेंजिंग होता है, लेकिन हम बेहद खुशकिस्मत रहे कि हमारी टीम के सभी बच्चे बेहद निडर और मेहनती थे। लगभग हफ्ते भर की शूटिंग में ही फिल्म कंप्लीट हो गई, क्योंकि ये बच्चे अपने किरदार और जंगल से काफी घुल-मिल गए थे। एक आदमी को भी बच्चों से बहुत कुछ सीखने को मिलता है और मुझे यह कहने में हिचक नहीं कि हमने भी इन बच्चों से बहुत कुछ सीखा। वैसे, आज के बच्चे ही कल के भविष्य हैं, इसलिए हमें खुशी है कि इस फिल्म के जरिये हमने अपनी प्रकृति के संरक्षण के बारे में उन्हें कुछ बताने का प्रयास किया। यह फिल्म 29 को रिलीज होने वाली है।’